वरहिया -श्री , ब्लॉग दिगंबर जैन आम्नाय की वरहिया उपजाति की सामाजिक,सांस्कृतिक गतिविधियों के विविध आयामों को समेटकर बृहत्तर पटल पर उसकी उपस्थिति को दर्ज कराने का एक विनम्र प्रयास है |
सोमवार, 17 फ़रवरी 2025
वरहिया जैन और वैवाहिक चुनौतियां
शनिवार, 1 फ़रवरी 2025
विमर्श -4
वे ही हैं सरपंच कुछ भी फैसला लें।
उनका ही है मंच कुछ भी फैसला लें।
जिसे चाहें उसे 'तनखैया' बता दें।
गगनचुंबी को झुका नीचे गिरा दें।
वरहिया या वरैया अथवा बरैया,
वही होगा मान्य,जो वे तय करेंगे।
तथ्य से उनको नहीं कुछ वास्ता है,
समर्थन वे स्वयं का निश्चय करेंगे।
हर तरफ इनका ही है अब दबदबा।
बह रही है आज इनकी ~ ही हवा।
कौन इनसे उलझकर पंगा ~करेगा?
व्यर्थ में खुद ही को क्यों नंगा करेगा?
रिश्तेदारी टूटने का डर ~ दिखाकर ,
आगापीछा सभी को उनका जताकर।
अंततः उनका ~ही पूर्वाग्रह मनेगा !
उनका हठ ही सर्वसम्मत मत बनेगा!
इसलिए कुछ भी न कहना उचित है।
इस विषय में मौन रहना ~उचित है।

